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National Burn Centre : Skin Donation Awareness पर बड़ा कदम, Mumbai में हुआ अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस

National Burn Centre : Skin Donation Awareness पर बड़ा कदम, Mumbai में हुआ अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस

 

मुंबई: National Burns Centre द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें देश में स्किन डोनेशन की कमी और उसकी बढ़ती जरूरत पर चर्चा की गई। इस मौके पर प्रसिद्ध बर्न केयर विशेषज्ञ डॉ. सुनील केसवानी ने समाज से जागरूक होने की अपील की।

Skin Donation क्यों है जरूरी?

डॉ. सुनील केसवानी ने बताया कि भारत में स्किन डोनेशन की भारी कमी है, जबकि बर्न मरीजों के इलाज में इसकी बहुत जरूरत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत व्यक्ति की त्वचा (skin) का उपयोग किया जा सकता है, जो अन्यथा मणिक पश्चात या तो जला दी जाती है दफना दी जाती है।

 

अगर इस त्वचा को दान किया जाए, तो यह कई जिंदगियों को बचा सकती है।

 

6 से 12 घंटे तक उपयोगी रहती है स्किन: डॉ सुनील केसवानी

डॉ. सुनील केसवानी जी ने Amanopedia News se बातचीत के दौरान बताया कि “मृत्यु के बाद लगभग 6 घंटों तक किसी भी व्यक्ति की त्वचा (skin) जांघों (thighs), पैरों (legs) और पीठ (back) से निकाली जा सकती है। पूरी शरीर की त्वचा नहीं निकाली जाती है। त्वचा की कुल 8 परतें (layers) होती हैं, जिनमें से केवल ऊपर की 2 परतें ही निकाली जाती हैं। इसके बाद शरीर को पूरी तरह कवर करके सम्मानपूर्वक दफनाया या अंतिम संस्कार किया जा सकता है।

यदि मृत शरीर को icebox या mortuary में रखा गया हो, तो त्वचा को 12 घंटों तक सुरक्षित रूप से निकाला जा सकता है।

निकाली गई त्वचा को skin bank में संरक्षित किया जाता है, जहाँ इसे 5 साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है। हालांकि भारत में इसकी मांग इतनी अधिक है कि 45 दिनों की processing पूरी होने से पहले ही मरीज waiting में होते हैं, और आमतौर पर 46वें दिन ही 10 मरीज़ प्रतीक्षा में खड़े होते हैं। तो 45 दिन से अधिक स्टोर करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।

डॉ. सुनील केसवानी ने बताया कि,

“को भी व्यक्ति skin donation कर सकता है।

इसमें कोई skin matching की जरूरत नहीं होती, जैसे kidney या liver transplant में होती है।

किसी भी व्यक्ति की त्वचा किसी भी मरीज को लगाई जा सकती है।

Burn patients के लिए skin donation जीवन रक्षक साबित होता है। जब किसी व्यक्ति की त्वचा जल जाती है, तो infection का खतरा बढ़ जाता है, जो जानलेवा हो सकता है।

इसलिए, जितनी जल्दी जली हुई त्वचा हटाकर donated skin लगाई जाए, उतनी जल्दी मरीज की जान बचाई जा सकती है।”

Awareness और Donation Centres की जानकारी

इस कार्यक्रम में लोगों को स्किन डोनेशन के फायदे और प्रक्रिया के बारे में बताया गया। साथ ही, डोनेशन सेंटर्स की जानकारी भी साझा की गई ताकि लोग आसानी से इस प्रक्रिया में भाग ले सकें।

National Burns Centre: एक अनोखी पहल

National Burns Centre, जिसे Indian Burns Research Society द्वारा स्थापित किया गया है, भारत का एक अग्रणी संस्थान है जो बर्न मरीजों के इलाज, रिसर्च, ट्रेनिंग और रिहैबिलिटेशन पर काम करता है।

2001 में स्थापित यह सेंटर आज advanced ICU, skin bank, operation theatres और rehabilitation facilities के साथ हजारों मरीजों को नई जिंदगी दे रहा है।

समाज के लिए एक मजबूत संदेश

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि एक मिशन है —

“मौत के बाद भी जीवन देने का मौका”

National Burns Centre: बर्न मरीजों के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी किरण
भारत में बर्न (जलने) के मामलों की गंभीरता को देखते हुए National Burns Centre एक ऐसा अग्रणी संस्थान बनकर उभरा है, जो न केवल इलाज बल्कि रोकथाम, प्रशिक्षण, पुनर्वास और रिसर्च के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

इस संस्थान को Indian Burns Research Society द्वारा स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य बर्न मरीजों को कम खर्च में बेहतर और प्रभावी इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि वे एक सामान्य जीवन जी सकें।

स्थापना एवं उद्देश्य:

National Burns Centre Mumbai, की स्थापना वर्ष 1985 में एक चैरिटेबल संस्था के रूप में हुई थी। इसके बाद 5 अक्टूबर 2001 को National Burns Centre की शुरुआत 50 बेड क्षमता के साथ की गई।

इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य है:

बर्न मरीजों के दर्द को कम करना
स्कार (दाग) मैनेजमेंट और विकृति सुधार
शारीरिक, मानसिक और सामाजिक पुनर्वास

अत्याधुनिक सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर
National Burns Centre आज एक होलिस्टिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन चुका है, जहाँ मरीजों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं:

Intensive Burn Care Unit (IBCU) — 2009 में शुरू

Skin Bank — 2009 से सक्रिय
4 आधुनिक Operation Theatres
Dialysis Unit (2 बेड)
Skin Regeneration Laboratory
Laser & Cosmetic Surgery Clinic
24 घंटे Pharmacy और Cafeteria
X-Ray, Pathology और Microbiology Lab
Burns Ambulance और Skin Bank Ambulance

Aman Deep Walia
Author: Aman Deep Walia

Aman Deep Walia Founder/Editor-In-Chief Amanopedia News Aman Deep Walia, also known as Aadi, is an Indian media entrepreneur, actor, producer, writer, and director based in Mumbai, India. As the Founder and Editor-in-Chief of AMANOPEDIA News, he leads a fast-growing digital entertainment platform delivering verified industry updates, celebrity features, and cultural commentary across web and social media. With creative credits spanning films, theatre, and advertising. Aman brings a multidisciplinary perspective to storytelling. His work reflects a commitment to authenticity, versatility, and audience-driven narratives across genres. Beyond performance and production, he is actively engaged as a journalist and digital content creator, bridging mainstream cinema with emerging media formats. He has also contributed as a casting director and lyricist, further expanding his creative footprint within the Indian entertainment landscape. Through AMANOPEDIA, Aman Deep Walia continues to position himself at the intersection of journalism, cinema, and digital innovation.